Gurugram News : नए गुरुग्राम को मिलेगी रफ्तार, 8.89 करोड़ से पूरी होंगी अधूरी सड़कें
जीएमडीए के सीईओ ने कई बार एचएसवीपी को इन भूमि संबंधी गतिरोधों को दूर करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद अब कुछ महत्वपूर्ण अड़चनें दूर कर ली गई हैं।

Gurugram News : गुरुग्राम में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सड़कों के अधूरे पड़े ‘मिसिंग लिंक’ को पूरा करने के लिए 8.89 करोड़ के तीन टेंडर जारी कर दिए हैं। इन परियोजनाओं से न्यू गुरुग्राम की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और निवासियों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से निजात मिलेगी।
नए गुरुग्राम में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा विकसित किए गए सेक्टर 58 से 115 तक के क्षेत्रों में सड़क, सीवर, पानी और ड्रेनेज जैसी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भूमि विवादों के कारण अधूरी पड़ी थीं। इन ‘मिसिंग लिंक’ के कारण यातायात बाधित होता था और लोगों को खासी दिक्कत होती थी।

जीएमडीए के सीईओ ने कई बार एचएसवीपी को इन भूमि संबंधी गतिरोधों को दूर करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद अब कुछ महत्वपूर्ण अड़चनें दूर कर ली गई हैं।
सेक्टर 71/73 डिवाइडिंग रोड:

350 मीटर लंबे खंड का निर्माण होगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹1.87 करोड़ है। यह न केवल सड़क बल्कि मास्टर वाटर स्टॉर्म जैसी सेवाओं के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा।
सेक्टर 62/65 डिवाइडिंग रोड:
170 मीटर लंबे ‘मिसिंग लिंक’ पर भी काम होगा, जिसकी अनुमानित लागत ₹4.87 करोड़ है।
सेक्टर 88/89 डिवाइडिंग रोड:

350 मीटर लंबे प्रभावित खंड पर काम किया जाएगा, जिस पर करीब ₹2.26 करोड़ खर्च होंगे।
नए गुरुग्राम में कई स्थानों पर अभी भी भूमि संबंधी अड़चनें बनी हुई हैं, खासकर जहां सेक्टर के डिवाइडिंग रोड को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाना है। सेक्टर/मास्टर रोड 73/72A और मास्टर रोड 73/74 से संबंधित मामले अभी भी कोर्ट में लंबित हैं। एचएसवीपी इन सभी भूमि संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है ताकि सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी की जा सकें।










